छत्तीसगढ़

ग्राम पंचायत मोतीनगर के सचिव व सरपंच ने मिल कर शासकीय रूपए का बन्दर बाट किया।

ढोढ़ी व मुर्मिकरन के नाम पर निकाले लाखो रूपए और निर्माण के नाम पर शून्य।

कुसमी/(दुर्गेश गुप्ता) बलरामपुर जिले के जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीनगर में ढोढ़ी निर्माण खोदाई व मुर्मिकरण के नाम से लाखों रूपए सरपंच सचिव ने हजम कर गए।

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आपको बता दे कि ग्राम पंचायत जिरहुल से पिछली योजना के चुनाव के समय पंचायत अलग हो कर मोतीनगर ने एक अलग पहचान बनाया,नया पंचायत के रूप में, आज मोतीनगर पंचयात बने लगभग 6 वर्ष हो गए हैं, इन 6 वर्षो में जो भी सचिव – सरपंच रहे उनके द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ गया पंचयात को नोंचने का, नया पंचायत को जहाँ विकास कि गाथा गाना चहिए था, वहां भ्र्स्ट सरपंच सचिव के कदम पड़ने से सूखे फूल के तरह मोतीनगर पंचयात मुरझा गया, अब तो ग्राम पंचायत मोतीनगर के ग्रामीण विकास के शब्द से भी घबराते हैं, उनका कहना है,जब से पंचयात बना है यहाँ के सरपंच सचिव ने गिद्ध कि तरह पंचयात को नोचा है, पंचायत में काम तो अनगिनत पास हो कर आते हैं, और निर्माण के नाम से अग्रिम राशि या फिर पूर्ण राशि निकाल लिया जाता है, और कागजो में विकास कि गाथा गा कर निर्माण पूर्ण बता कर शासकीय राशि का बंदरबाट कर दिया जाता है, जिस ढोढ़ी खुदाई व मुर्मिकरन कि बात कर रहे हैं, उस के बारे में हमें पता है, हम जानते हैं कि रूपए 2024 में ही निकाला गया है, पर हमारी सुनता कौन है, हम आज भी नदी का पानी पिने को मजबूर हैं, हमारे तकलीफ को देख कर साशन ने ढोढ़ी निर्माण के लिये लाखों रूपए दिए, पर हमें तो वही दुख उठाना पड़ता रहा है।मोती नगर के ग्रामीणों ने खबर के माध्यम से बलरामपुर कलेक्टर से ग्राम पंचायत मोतीनगर में उच्च स्तरीय जांच कर जिन निर्माण कामों का पैसा आहरण हुवा है, उन कामों को कराने साथ ही शासकीय रूपए छल पूर्वक रखने वालो पर कार्रवाही भी करने कि निवेदन किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मोतीनगर में सन 2024 में मुर्मिकरण के नाम से दो बार में 1लाख 35 हजार रूपए व ढोढ़ी निर्माण के नाम पर तीन बार में 1 लाख 80 हजार रूपए यह सभी रूपए जीतेन्द्र कुमार कश्यप फ़ार्म के नाम से आहरण हुवा है,व और भी काम हैं जैसे हैंड पंप खनन व पंचायत भवन निर्माण जिनका राशि तो निकाल कर कुछ कामों को वर्षो से अधूरा कुछ कामों को कागजो में पूर्ण बता कर पैसे सरपंच सचिव ने मिल कर हजम कर दिए।

हैरानी की बात तो यह है कि विभागीय उपयंत्री व जिम्मेदार अधिकारीयों के नाक के निचे सारा खेल चल रहा है पर इन्हे किसी चीज कि जानकारी नहीं, और आपको बता दू कि अग्रिम राशि निकालने के 6 माह के अंदर निर्माण को या तो पूरा करना होता है, या कम से कम निर्माण कार्य को चालू तो करना ही होता है, पर कुसमी जनपद पंचायत के मूल्यांकन करने वाले अधिकारियो को अपनी कुर्सी से कुछ ज्यादा ही मोह माया है,कुर्सी में बैठे – बैठे ही फिल्ड में निर्माण कामों कि मूल्यांकन करते हैं, जिस कारण निर्माण चालू भी नहीं हो पाता है और दूसरा किस्त कि राशि जारी कर देते हैं,जिसका फायदा सचिव व सरपंच उठाते हैं, और कागजो में निर्माण दिखा कर पैसे का बंदरबाट करते हैं,या यु कहें कि सारा खेल उपयंत्री कि मिली भगत से चल रहा हैं, जिसका सुध लेने वाला अभी तक कोई नहीं हैं।

जब हमारे रिपोर्टर ने ग्राम पंचयात के वर्तमान सरपंच से बात कि तो उन्होंने कहा कि मैं पिछले योजना में पंच था और मुझे मालूम है, कि 2024 से लेकर अभी तक कोइल पारा मोतीनगर में न ही मुर्मिकरण न ही ढोढ़ी निर्माण हुवा है,बस मनरेगा कि तरफ से मट्टी का काम हुवा है।

जब हमारे रिपोर्टर ने मोती नगर सचिव से बात कि तो उन्होंने कहा कि मुर्मिकरण वहां नहीं हुवा है, दूसरे जगह हुवा है, लगभग 45 हजार रूपए का,आगे हमने ढोढ़ी निर्माण के बारे में बात कि तो सचिव का जवाब चौंकाने वाला था, उन्होंने कहा रूपए निकाला था 1 लाख से ज्यादा 2024 में ही आगे जब उनसे पूछा गया कि पैसा का क्या हुवा आपको कितना मिला तो उनका जवाब था कि मुझे 50 हजार रूपए मिला था।

जिससे सहज़ ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सचिव सरपंच और कुछ लोगो कि मिली भगत से शासकीय राशि का बंदरबाट हो रहा है।

जब हमारे रिपोर्टर ने जनपद पंचयात कुसमी के सी ई ओ डॉ अविषेक पाण्डेय से बात कि तो उन्होंने कहा कि हम एक जांच टीम गठित कर दे रहे हैं, जांच उपरांत रिपोर्ट आ जाएगी

अगर रिपोट में बिना मुर्मिकरण किये रूपए आहारण किया गया है तो निश्चित ही हम उसपे कड़ी कार्यवाही करेंगे।

अब देखना है कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या फर्जी तरीके से रूपए आहरण कर शासकीय राशि का बंदर बाट करने वाले सचिव सरपंच व और भी संलिप्त लोगो के खिलाफ कार्यवाही होती भी हैं या नहीं?

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