STATE TV INDIA बैकुंठपुर कोरिया।
बैकुंठपुर से महज कुछ दूर पर स्थित बिलासपुर-राजमार्ग मनसुख का धनुहर पुल एक बार फिर सुर्खियों में है। शुक्रवार देर रात पुल पर एक भारी ट्रक फंस है, जिससे यातायात प्रभावित है। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आए दिन यहां भारी वाहन दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है। धनुहर पुल की हालत लगातार बिगड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अभी तक इस दिशा में ठोस कदम उठाने में नाकाम रहा है।
🚧 संकीर्ण पुल से बढ़ रहा खतरा
धनुहर पुल का निर्माण कई दशक पहले हुआ था। उस समय वाहनों की संख्या और आकार सीमित थे, लेकिन अब बड़े-बड़े ट्रेलर और भारी ट्रक इसी मार्ग से गुजरते हैं। पुल की चौड़ाई और मजबूती वर्तमान यातायात के हिसाब से नाकाफी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों और चढ़ाई होने के कारण आए दिन इस पुल पर दुर्घटना होना लाजमी है । पुलनर्माण को लेकर चर्चाएं तो बहुत है परंतु अभी तक कार्यशरू नहीं हो जिसके कारण से मनसुख का धनुहर पुल हादसों का गढ़ बन गया है ।
🛑 यात्रियों और ग्रामीणों की परेशानी
पुल पर ट्रक फंस जाने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आपातकालीन मरीजों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। कई बार एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंस चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे रोजाना डर के साए में सफर करते हैं। “किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। कई बार पुल से गुजरते वक्त भारी वाहन डगमगाने लगते हैं, जिससे लोगों की जान पर बन आती है।
⚠️ हादसों का गढ़
धनुहर पुल की पहचान अब “हादसों के गढ़” के रूप में हो चुकी है। पिछले छह महीनों में यहां छोटे-बड़े 20 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। कई बार पुल पर वाहनों के बीच टक्कर हुई तो कई बार ट्रक के फंसने से पूरा यातायात ठप हो गया।
📢 ग्रामीणों की मांग – नया पुल बने
ग्रामीणों कई बार प्रशासन से इस पुल को चौड़ा करने या नया पुल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वैकल्पिक पुल का निर्माण नहीं होता, तब तक यहां दुर्घटनाओं का सिलसिला थमेगा नहीं।