एमसीबी में वन कानून का उल्लंघन, सड़क निर्माण की अनुमति लेकर जंगल में अवैध उत्खनन……

एमसीबी / विनीत जायसवाल

एमसीबी: जिले के कुंवारपुर वन परिक्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना यानी पीएमजीएसवाई की आड़ में जंगल को नुकसान पहुँचाने का खेल चल रहा था। ग्रामीणों को सड़क सुविधा देने के लिए बनी इस योजना के नाम पर जंगल के भीतर खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा था। वन विभाग की समय पर की गई कार्रवाई ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है।

जनकपुर के कुंवारपुर वन परिक्षेत्र के चांटी सर्कल क्षेत्र में पीएमजीएसवाई के तहत सड़क निर्माण की अनुमति और डिमार्केशन किया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर निर्माण होना था, वहाँ एक इंच भी काम नहीं किया गया। इसके बजाय जंगल के भीतर दूसरी जगहों से अवैध रूप से मिट्टी निकाली गई और भारी मशीनों जेसीबी और ट्रैक्टर के ज़रिए उसका परिवहन किया जा रहा था। जब जंगल के अंदर दिनदहाड़े भारी मशीनें चल रही थीं, तब निगरानी तंत्र की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतने बड़े स्तर पर उत्खनन होता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी? इसी बीच वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर दबिश देते हुए 6 ट्रैक्टर और एक जेसीबी मशीन को जब्त किया। अगर यह कार्रवाई समय पर नहीं होती, तो जंगल से अवैध उत्खनन का यह सिलसिला लगातार चलता रहता।


भरतपुर क्षेत्र के उप वन मंडलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि डिमार्केशन के बाहर किया गया उत्खनन वन कानून का सीधा उल्लंघन है। इस मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और जुर्माने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वहीं पीएमजीएसवाई विभाग की भी कई सवाल खड़े करती है। विभाग का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सड़क निर्माण गलत स्थान पर किया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की योजना में बिना विभागीय जानकारी के मशीनें कैसे चलती रहीं?


क्या निर्माण एजेंसी को खुली छूट दी गई थी? यह मामला सिर्फ अवैध उत्खनन का नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है। फिलहाल वन विभाग की जांच जारी है और अब सबकी नजर इस पर है कि कार्रवाई सिर्फ वाहनों की जब्ती तक सीमित रहती है या जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर भी ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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