‘शोले’–‘शेरा’ प्लास्टिक बोतलों में पहुंचे, कांच पैकिंग का दौर समाप्ति पर; अगले 48 घंटे अहम

उद्देश्य कुमार साहू ,
रायपुर। प्रदेश में आबकारी विभाग की नई नीति के तहत देशी और चीप रेंज की शराब अब कांच की बजाय प्लास्टिक बोतलों में बेची जा रही है। राजधानी रायपुर में सोमवार को ‘शोले’ और ‘शेरा’ ब्रांड की पहली खेप पहुंचने के साथ इस बदलाव की शुरुआत जमीनी स्तर पर दिखने लगी है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, दोनों ब्रांड अब प्लास्टिक बोतलों में बाजार में उतारे गए हैं। पहली खेप में करीब 2400 पेटी शराब जिले के लिए उपलब्ध कराई गई है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर उन दुकानों में भेजा जा रहा है जहां पुराना स्टॉक समाप्त होने की स्थिति में है।
सीमित कंपनियों से शुरू हुई सप्लाई:
हालांकि, अनुबंधित कई कंपनियों में से फिलहाल केवल दो कंपनियां ही प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई शुरू कर पाई हैं। ऐसे में प्रारंभिक चरण में आपूर्ति सीमित बनी हुई है।
खपत के मुकाबले स्टॉक कम:
रायपुर जिले में प्रतिदिन लगभग 6 हजार पेटी चीप रेंज और 3 हजार पेटी देशी शराब की खपत होती है। जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि कांच बोतलों का पुराना स्टॉक अब अंतिम दौर में है और एक-दो दिन की ही उपलब्धता शेष है।

सप्लाई बढ़ाने पर जोर:
विभाग का कहना है कि नई खेप लगातार मंगाई जा रही है और जैसे-जैसे आपूर्ति बढ़ेगी, दुकानों में भंडारण भी किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की कमी की स्थिति न बने।
अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण:
मौजूदा स्थिति में आने वाले 48 घंटे अहम माने जा रहे हैं। यदि इस दौरान पर्याप्त मात्रा में नई सप्लाई पहुंचती है, तो व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी, अन्यथा अस्थायी कमी की स्थिति बन सकती है।
कुल मिलाकर, प्लास्टिक बोतल में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विभाग इसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर रहा है। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति इस नई व्यवस्था की सफलता तय करेगी।



