CG News: अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा जब राजनीतिक गलियारे में तेज हुई और उसके बाद उन्होंने शपथ लिया. इसके बाद फिर शाम तक उन्हें विभाग भी मिल गया, यानी उन्हें संस्कृति और पर्यटन मंत्री का दायित्व दिया गया. यह सरगुजा बीजेपी के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं, सरगुजा भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं के लिए खुशी की बात थी लेकिन राजेश को मंत्री बनाये जाने के बाद से अब तक सरगुजा भाजपा में कोई खास उत्साह देखने को नहीं मिला है. या यूं कहें कि तनिक भी उत्साह दिखाई नहीं दिया. हद तो यह है कि अंबिकापुर शहर में उनके स्वागत और बधाई वाला अब तक होल्डिंग, बैनर- पोस्टर तक नहीं लगा है, पता नहीं कौन सा नेता नाराज है.
मंत्री बनाए जाने के बाद BJP में उत्साह नहीं!
जिस दिन राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाया गया उस दिन उनके अंबिकापुर स्थित सरकारी आवास में उनके समाज के कुछ लोगों के द्वारा कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर खुशियां मनाई गई थी, इसके बाद वही कार्यकर्ता कुछ मिनट के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे थे और वहां भी इसी तरीके से आतिशबाजी कर यह दिखाने की कोशिश की गई थी कि भाजपा भी उत्साह में शामिल है. जबकि उम्मीद थी कि इसके बाद राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाए जाने के बाद शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर पोस्टर लगाए जाएंगे लेकिन ऐसा कुछ भी अब तक नहीं हुआ. ऐसा भी नहीं है कि राजेश अग्रवाल मंत्री बनाए जाने के बाद अब तक अपने विधानसभा नहीं पहुंचे हैं. वे उसी दिन सूरजपुर जिला भी पहुंचे थे, जहां दो अन्य मंत्रियों के साथ उन्होंने एक कार्यक्रम में भाग लिया था और उसके बाद रात में अपने घर पहुंचे थे, दूसरे दिन अपने घर लखनपुर में ही लोगों से मुलाकात करते रहे, बधाई संदेश स्वीकार करते रहे, लेकिन हैरानी की बात है कि इसके बाद भी दूसरे दिन भी शहर में कोई होर्डिंग, बैनर, पोस्टर देखने को नहीं मिला. यही वजह है कि अब लोग यह कहने लगे हैं कि राजेश अग्रवाल को पर्यटन और संस्कृति मंत्री बनाए जाने के बाद भी बीजेपी में कोई उत्साह नहीं है.
अंदर खाने की बात करें तो राजेश अग्रवाल को मंत्री बनाए जाने के बाद सरगुजा बीजेपी के बड़े और प्रभावी नेता बेहद नाराज हैं. नाराजगी इस बात की है और नाराजगी के साथ उन्हें डर इस बात की है कि राजेश अग्रवाल को अब मंत्री बना दिया गया है तो इससे उनका कद प्रभावित होगा, उनकी राजनीति पर असर पड़ेगा. इसको आप इस तरीके से समझ सकते हैं कि अब राजेश अग्रवाल को छोड़कर सरगुजा में दूसरे बीजेपी के नेताओं का भौकाल नहीं चलने वाला है. इन्हीं सारी वजहों के कारण भाजपा के नेता राजेश अग्रवाल से नाराज हैं.
टिकट देते समय भी नाराज थे पार्टी के नेता!
इतना ही नहीं जब राजेश अग्रवाल को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने टिकट दिया था तब भी ये नेता अंदर से नाराज थे और कई नेताओं ने उन्हें चुनाव में सहयोग नहीं किया था. इस बात को राजेश अग्रवाल खुद भी जानते हैं. यह अलग बात है कि अग्रवाल इन बातों का उल्लेख सार्वजनिक जगहों पर नहीं करते हैं. ऐसे हाल में देखने वाली बात होगी कि आखिर सरगुजा बीजेपी किस तरीके से आगे काम करती है और आने वाले चुनाव में इसका किस तरीके से असर देखने को मिलता है, हालांकि लगातार इस तरह की खबरें आने के बाद उम्मीद है कि जब राजेश अग्रवाल अंबिकापुर पहुंचेंगे तो भारतीय जनता पार्टी के नेता उनका भव्य तरीके से स्वागत करेंगे. मतलब आप इसे इस तरह से समझिए कि दिल मिले या न मिले गले तो जरूर मिलेंगे.
हालांकि भाजपा नेताओं ने अखिलेश सोनी को भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ का महामंत्री बनाए जाने के बाद जोश खरोश के साथ स्वागत किया. चर्चा है कि इसी स्वागत कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल का भी स्वागत निपटाने की तैयारी थी, लेकिन मंत्री जी सब समझ रहे थे और ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजेश अग्रवाल का भव्य स्वागत कार्यक्रम तब होगा जब वे अंबिकापुर पहुंचेंगे, हालांकि यह कब होगा और कैसे होगा यह भी तय नहीं है.