महिला आरक्षण विधेयक से पंचायत से संसद तक बढ़ेंगे अवसर, महिला सशक्तिकरण पर जोर

उद्देश्य कुमार साहू,
कोरिया/बैकुंठपुर
जिला कोरिया के बैकुंठपुर स्थित मानस भवन में आयोजित जिलास्तरीय महिला जागृति शिविर के तहत ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी सहित महिला जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए पत्रकार कमरून निशा ने बताया कि ‘नारी शक्ति वंदन’ के तहत महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि आज की महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ समाज को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि केवल अधिकार मिलना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि महिलाओं में निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास का विकास भी जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं अब पंच, सरपंच, विधायक और सांसद जैसे महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच रही हैं, लेकिन वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने में सक्षम हों। साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीमती सुरेशा चौबे ने महिलाओं को कानून की जानकारी रखने और जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जागरूक और सुरक्षित महिलाएं ही समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
महिला जनप्रतिनिधियों ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसका स्वागत किया। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, सदस्य श्रीमती सौभाग्यवती कुसरो, नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर की अध्यक्ष श्रीमती नविता शिवहरे तथा नगर पंचायत पटना की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम स्थल मानस भवन में सेल्फी जोन भी बनाया गया था, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में हस्ताक्षर कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए पत्रकार कमरून निशा को सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम का संचालन एंकर सुमन नायक द्वारा किया गया। शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ वकील, डॉक्टर, पत्रकार एवं समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
शिविर का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही।


